Work-Life Balance(काम और निजी जीवन के बिच ताल मेल कैसे बनाये )
Work-Life Balance
नमस्कार दोस्तों आज हम बात करने बाले है Work-Life Balance पर जिसका मतलब है काम और जीवन मे संतूलन बनाना और आज दुनिया मे हर इंसान को इसकी जरूरत भी है
साथियों आज मे selfcare123456.com की मदद से आप को बताने जा रहा हूँ work और Life के बिच कैसे संतूलन बनाना है
Work aur life Balance करने का मतलब है अपने काम के साथ साथ अपनी निजी ज़िन्दगी की भी केयर करना और अपने परिवार के साथ समय बिताना
दोस्तों आज के इस समय मे हर इंसान पर काम का इतना भार है की उसको ये ही नहीं पता चलता की वह काम के लिए जी रहा है या जिने के लिए काम कर रहा है work-life balance का मतलब काम छोड़ना नहीं होता बस उसे सही तरीके से मैंनेज करना होता है
काम और निजी जीवन के बीच सही तालमेल कैसे करें उसके लिए कुछ तरीके बता रहा हु जो आप के लिए बेहतर साबित होंगे
1.साप्ताहिक अवकाश
अपने काम से सप्ताह मे एक दिन का अवकाश जरूर ले और उस दिन अपने परिवार या अपने माता पिता के साथ ही रहें या उन्हें कही बाहर लेकर जाये
2.Day-brake ले
अपने काम से दिन मे किसी भी समय थोड़ा ब्रेक लेकर अपने घर बालो से फ़ोन पर बात करें थोड़ा हंसी मज़ाक करें
हर तीन महीने मे छुट्टि लेकर अपने घर बालो के साथ किसी हिल स्टेशन या कोई धार्मिक स्थल पर जाये उनके साथ समय बिताये
4.भगवान का ध्यान करना
हमें रोज मंदिर जाना हैं और भगवान नाम मे ध्यान लगाना हैं अपने दिन की शुरआत पॉजिटिव एनर्जी से करनी हैं
ये बो उपाए हैं जो आप को अपनों के प्रति स्नहे दिलाते हैं दूरिया कम करते हैं और आपस मे ताल मेल बनाते हैं
अब बात करते हैं Work-Place की क्युकी परिवार से ज्यादा समय हम उधर बिताते है कार्य स्थल पर हमारा दिमाग फ्री हो या हम पर वर्कलोड कम हो बॉस की कोई बात हमें टेंशन ना दे इसके लिए आप को कुछ टिप्स बता रहा हु
1. 8-8-8 का नियम
दोस्तों इस नियम के अनुसार हमें 8 घंटे काम, 8 घंटे नींद, और 8घंटे family के साथ बिताने है
2.ज्यादा काम को 'ना ' बोला करें
अक्सर सभी लोग अपने काम को ईमानदारी और निष्ठा से करते है और दिन भर मे ज्यादा से ज्यादा से काम करते ही रहते है इसलिए कुछ कामो को अपने अंदर से ही 'ना ' बोल देना चाहिए
3."ईट दैट फ्रॉग" (Eat That Frog)
हमें सबसे भारी काम सबसे पहले ख़त्म करना है ऐसे करने से हमारा दिमाग हल्का हो जाता है और बाकी के सभी काम अच्छे से पुरे हो जाते है
इसका मतलब है समय को बांटना जैसे कुछ समय पुरानी फाइलों को देना, कुछ समय new फाइलों को देना अचानक आने बाले कामो के लिए अलग समय रखना इसी तरह से हम अपना काम time के हिसाब से बाँट सकते है
5.माइक्रो-ब्रेक्स (Micro-breaks) लें
लगातार 8-9 घंटे काम करने से दिमाग थक जाता है।
हर काम के बाद 5-10 मिनट का ब्रेक लें।बस थोड़ा टहलें या पानी पिएं।
डिजिटल डिटॉक्स (Digital Detox)
घर पहुँचते ही फ़ोन के नोटिफिकेशंस बंद कर दें।
परिवार के साथ खाना खाते समय या सोने से एक घंटे पहले फोन को दूर रखें।
"याद रखिए, काम आपकी जिंदगी का एक हिस्सा है, पूरी जिंदगी नहीं। आज ही एक छोटा कदम उठाएं और खुद को वह वक्त दें जिसके आप हकदार हैं।"
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