जीवन के नियम क्या हो (lovely Rulls of Daily Life)

नमस्ते दोस्तों 🙏 
उम्मीद करता हुँ की आप सब अच्छे होंगे बड़ो का सम्मान कर रहे होंगे और बच्चो का ध्यान रख रहे होंगे 

दोस्तों एक अच्छा जीवन जीने के लिए सबसे पहले हमरे अंदर  
1.सहन शीलता होनी चाहिए
2.गुस्से को शांत करना आना चाहिए
3.दृढ संकल्प लेना आना चाहिए
4.मदद करनी आनी चाहिए
5.लालच से दूर रहना आना चाहिए
6.जो मिले उसमे गुजारा करना आना चाहिए
7.दूसरे पर आश्रित नहीं होना चाहिए
8.अपने आप पर विस्वास होना चाहिए 
9.फालतू नहीं बोलना चाहिए

1.सहन शीलता
इसका मतलब ये नहीं हैँ अगर आपको कोई थप्पड़ मारे तो आप उसको भी सहन करो नहीं बिलकुल भी नहीं थपड बाली या किसी भी हाथपाई की कंडीशन मै आप को लोट कर उसको थपड मार देने हैँ  
सहनशीलता का मतलब हैँ अगर आप को कोई व्यक्ति या समूह आप का मज़ाक उड़ा रहा हैँ या आप की अब हेलना कर रहा हैँ  बिना बात के आप को टॉर्चर कर रहें हैँ  और आप मजबूर हैँ  उनको कुछ नहीं कह सकते तो ऐसे मै हमें  उनसे बहस नहीं करनी चाहिए सिर्फ अपने काम को और भी अच्छे तरीके से करना चाहिए अपने काम के प्रति गहनता और लगन दिखानी हैँ  और ईमानदार बने रहना हैँ  क्युकी बहस बो ही लोग करते हैँ जो जीवन मै कोई मुकाम हासिल नहीं कर पाते दूसरे के काम की मज़ाक भी बो ही बनाते हैँ जो अपना काम खुद करने मै सक्षम नहीं होते हैँ  इसलिए इस तरह के लोगो को आप को सहन करना हैँ  इनसे बहस या लड़ाई करके अपनी ऊर्जा व्यर्थ नहीं  करनी हैँ  

2.गुस्सा शांत रहना चाहिए  
दोस्तों हमारा सबसे बड़ा दुश्मन हमारा गुस्सा होता हैँ  हमें अपने गुस्से पर नियंत्रण रखना हैँ  हमें गुस्सा बिलकुल भी नहीं करना हैँ  गुस्सा शांत रहने की सबसे बड़ा उपाय हैँ की आप जहाँ हो जो गुस्सा करने की वजह बन रही हो  आप उस जगह से या उस इंसान के सामने से कुछ देर के लिए चले जाओ आप का गुस्सा खुद शांत हो जायेगा 
किसी भी चीज पर गुस्सा नहीं करना हैँ  

3.दृढ संकल्प लेना 
दोस्तों हमें अपने अंदर  दृढ संकल्प लेने की ताकत रखनी होंगी क्युकी जीवन मे कुछ मोड़ ऐसे आते हैँ  जिनमे हमारा मन दो रहा पर चलने के लिए मजबूर हो जाता हैँ लेकिन हमें सिर्फ सही की और जाना हैँ  ये तभी  संभव होगा जब हम भावनाओं  के चक्कर मे ना आकर सही  गलत मे अंतर करना जानते हो  दृढ निश्चय या दृढ संकल्प लेना  जानते हो 

4.मदद करना 
साथियो हमें  जीवन मे आंतरिक सुख अगर चाहिए तो हमेशा दुसरो की मदद करनी चाहिए क्युकी  आंतरिक सुख ही एक ऐसा सुख हैँ जो दूसरे की मदद करने से ही मिलता  हैँ  

5.लालच नहीं करना चाहिए
दोस्तों हमें  कभी भी अपने फायदे या दूसरे के नुक्सान के लिए लालच नहीं करना चाहिए क्युकी लालच हर जगह इंसान को मार ही  खिलाता हैँ  लालच किसी भी चीज का हो  हमेशा बुरा ही रहता हैँ 

6.जो मिले उसी मे गुजरा करना 
दोस्तों हमें जो भी मिले  उसी मे गुजारा करना आना चाहिए जैसे उदहारण - अगर हम घर पर  खाना कहा रहें हैँ और आप को एक रोटी काम पड़ रही हैँ  आप देख रहें हैँ की माता जी के द्वारा  गुँथा आटा ख़त्म हो गया हैँ  तो हमें जबरदस्ती आता गूथवा कर रोटी नहीं सिखवानी चाहिए.

7. दूसरे पर आश्रित नहीं होना हैँ  
ध्यान रखना दोस्तों  अपना काम आप को अपने आप करना हैँ  दूसरे पर डिपेंड नहीं होना हैँ  अगर आप सक्षम हो तो उस काम को खुद करो 

8.अपने आप पर विश्वास रखो
चीजे बनने और बिगड़ने मे समय लगता हैँ  इस लिए अगर आप किसी लक्ष्य की और अग्रषित हैँ  तो होने ऊपर विस्वास रखो और ईमानदार रहो

9.फालतू नहीं बोलना चाहिए
दोस्तों जितना पर्याप्त हैँ उतना ही बोलना चाहिए  जितना काम बोलगे उतने ही कर्मठ और सहनशीलता की और अग्रसर हो  जाओगे और इज़्ज़त अपने आप बढ़ जायगी 

तो दोस्तों ये अगर हम ये सारी बाते अपने जीवन मे उतारे तो सच मे हमारी ज़िन्दगी इज़्ज़तदार और खुशहाल हो जायगी  अपने आप की और दुसरो की इज़्ज़त करें आदर करें  यही मेरी उम्मीद हैँ आप लोगो से  





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